यह पाठ एक यात्रा वृत्तांत है, जिसमें एंजेला नाम की एक लड़की की कहानी है जो लंदन से भारत के खूबसूरत राज्य असम की यात्रा पर आती है। इस यात्रा के दौरान वह असम की अनोखी संस्कृति, विशेषकर वहाँ के दो प्रसिद्ध नृत्यों – बिहू और सत्रिया – को करीब से जानती है।
पाठ का सरल सारांश
एंजेला लंदन में रहने वाली एक दस साल की लड़की है। उसकी माँ, एलेसेंड्रा, एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता हैं। उन्हें असम की नृत्य परंपरा पर एक फिल्म बनाने का काम मिलता है, जिसके लिए वे पूरे परिवार के साथ असम आती हैं।
बिहू का अनुभव:
एंजेला का परिवार अप्रैल के महीने में गुवाहाटी पहुँचता है, जब असम में नए साल का त्योहार ‘बिहू’ मनाया जा रहा होता है। एंजेला एक गाँव में खुले आसमान के नीचे हो रहे बिहू नृत्य को देखती है और मंत्रमुग्ध हो जाती है। वह रंग-बिरंगे कपड़ों में नाचते-गाते लड़के-लड़कियों को देखकर बहुत खुश होती है।
सत्रिया से परिचय:
इसके बाद, वे उत्तरी असम में ‘सत्र’ (मठ) देखने जाते हैं, जहाँ ‘सत्रिया नृत्य’ की परंपरा है। वहाँ एंजेला की दोस्ती अनु नाम की एक हमउम्र लड़की से होती है। पहले एंजेला देखती है कि सत्रिया नृत्य केवल पुरुष साधु ही कर रहे हैं, जिससे उसे आश्चर्य होता है। बाद में उसकी माँ बताती हैं कि अब समय बदल गया है और महिलाएँ भी इस नृत्य को मंच पर प्रस्तुत करती हैं।
यात्रा का प्रभाव:
असम की यह यात्रा एंजेला पर गहरा प्रभाव डालती है। वह बिहू और सत्रिया नृत्य की कुछ मुद्राएँ भी सीखती है। लंदन वापस जाकर वह अपनी कक्षा में असम के इन खूबसूरत नृत्यों का प्रदर्शन करती है, जिसे उसके दोस्त और शिक्षक बहुत पसंद करते हैं।
असम की संस्कृति: मुख्य बातें

बिहू और सत्रिया असम की दो प्रमुख नृत्य परंपराएँ हैं।
- बिहू नृत्य और त्योहार:
- यह असम का एक प्रमुख त्योहार है, जो खेती-किसानी से जुड़ा है।
- यह बसंत के आगमन और नए साल की खुशी में मनाया जाता है।
- यह नृत्य खुशी और मौज-मस्ती से भरपूर होता है, जिसे स्त्री-पुरुष साथ मिलकर करते हैं।
- सत्रिया नृत्य:
- यह असम का एक शास्त्रीय नृत्य है, जिसकी उत्पत्ति ‘सत्रों’ यानी मठों में हुई।
- परंपरागत रूप से यह नृत्य पुरुष साधुओं द्वारा किया जाता था।
- आधुनिक समय में, महिलाएँ भी इस नृत्य का प्रदर्शन करती हैं।
- यह नृत्य अक्सर पौराणिक कथाओं पर आधारित होता है।
अभ्यास के लिए नए प्रश्न और उत्तर
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- एंजेला की माँ एलेसेंड्रा असम क्यों आई थीं?
(क) छुट्टियाँ मनाने
(ख) चाय के बागान खरीदने
(ग) असम के नृत्य पर डॉक्यूमेंट्री बनाने
(घ) अपनी सहेली से मिलने
उत्तर: (ग) असम के नृत्य पर डॉक्यूमेंट्री बनाने - असम में बिहू का त्योहार किससे जुड़ा हुआ है?
(क) राजा-महाराजाओं से
(ख) व्यापार से
(ग) शिकार से
(घ) खेती-किसानी से
उत्तर: (घ) खेती-किसानी से - ‘सत्र’ किसे कहा जाता है?
(क) विद्यालय को
(ख) मठ को
(ग) बाज़ार को
(घ) नृत्य के मंच को
उत्तर: (ख) मठ को - अनु का पसंदीदा खिलौना कौन-सा था?
(क) गुड़िया
(ख) नारियल की जटा से बना घर
(ग) लकड़ी का तीर-कमान
(घ) वीडियो गेम
उत्तर: (ग) लकड़ी का तीर-कमान - महिला कलाकारों ने सत्रिया नृत्य में किसकी कहानी दिखाई?
(क) राम और रावण की
(ख) कृष्ण और राधा की
(ग) जय और विजय की
(घ) शिव और पार्वती की
उत्तर: (ग) जय और विजय की
लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न 1: बिहू का त्योहार साल में तीन बार क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: बिहू एक कृषि आधारित त्योहार है, इसलिए यह खेती के तीन अलग-अलग चरणों में मनाया जाता है: बीज बोते समय, धान रोपते समय और फसल तैयार हो जाने पर। - प्रश्न 2: एंजेला बिहू नृत्य देखकर हतप्रभ क्यों थी?
उत्तर: एंजेला ने पहले कभी एक साथ इतने सारे लोगों को खुले आसमान के नीचे बरगद के पेड़ के पास उत्सव मनाते नहीं देखा था। यह माहौल उसे बहुत अनोखा और सपनों जैसा लगा। - प्रश्न 3: शुरुआत में सत्रिया नृत्य कौन करते थे?
उत्तर: शुरुआत में सत्रिया नृत्य केवल ‘सत्रों’ यानी मठों के अंदर पुरुष और युवा साधुओं द्वारा ही किया जाता था। - प्रश्न 4: अनु के खिलौने एंजेला को अनोखे क्यों लगे?
उत्तर: अनु के खिलौने लकड़ी और नारियल की जटा जैसी प्राकृतिक चीजों से बने थे। एंजेला ने लंदन में ऐसे खिलौने कभी नहीं देखे थे, इसलिए वे उसे अनोखे लगे। - प्रश्न 5: लंदन वापस जाकर एंजेला ने असम की संस्कृति को अपने दोस्तों तक कैसे पहुँचाया?
उत्तर: लंदन वापस जाकर एंजेला ने अपनी कक्षा में असम के नृत्यों पर खुद किए गए नृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ एक प्रदर्शन दिया, जिसे सबने बहुत पसंद किया।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न 1: सत्रिया नृत्य की परंपरा में समय के साथ क्या बदलाव आया? पाठ के आधार पर विस्तार से समझाइए।
उत्तर: सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति असम के मठों (सत्रों) में हुई थी और शुरुआत में यह नृत्य केवल पुरुष साधुओं द्वारा ही मठ की चारदीवारी के अंदर किया जाता था। लेकिन, बीसवीं शताब्दी के मध्य में इस परंपरा में एक बड़ा बदलाव आया। कुछ साधुओं ने मठों से बाहर आकर पुरुषों और महिलाओं, दोनों को यह नृत्य सिखाना शुरू किया। आज के आधुनिक दौर में महिला सत्रिया कलाकारों का मंच पर नृत्य करना एक आम बात हो गई है। - प्रश्न 2: एंजेला की भारत यात्रा की योजना अचानक क्यों बनी और इस यात्रा ने उसके जीवन को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर: एंजेला की भारत यात्रा की योजना अचानक इसलिए बनी क्योंकि उसकी माँ एलेसेंड्रा को ब्रिटिश अकादमी से असम की नृत्य परंपरा पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए वित्तीय मदद मिली थी और इस काम को पूरा करने के लिए उनके पास सिर्फ एक महीने का समय था। इस यात्रा ने एंजेला के जीवन को बहुत गहराई से प्रभावित किया। उसने असम के जीवंत त्योहार बिहू और शास्त्रीय नृत्य सत्रिया को करीब से देखा। इस यात्रा ने उसकी दुनिया को बड़ा बना दिया और उसे असम की संस्कृति से इतना जोड़ दिया कि वह वापस जाकर भी उसे याद करती रही। - प्रश्न 3: बिहू और सत्रिया नृत्य में आपको क्या मुख्य अंतर समझ आए? पाठ के आधार पर लिखिए।
उत्तर: पाठ के आधार पर बिहू और सत्रिया नृत्य में निम्नलिखित मुख्य अंतर हैं:- प्रकृति और उद्देश्य: बिहू एक लोक नृत्य है जो खेती-किसानी और त्योहारों के उल्लास से जुड़ा है। वहीं, सत्रिया एक शास्त्रीय नृत्य है जिसकी उत्पत्ति मठों में हुई और यह धार्मिक कथाओं पर आधारित है।
- प्रस्तुति का स्थान: बिहू नृत्य खुले में, गाँव के सामूहिक स्थान पर किया जाता है। जबकि सत्रिया नृत्य परंपरागत रूप से मठों के सभागार में और अब मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।
- कलाकार: बिहू नृत्य में गाँव के लड़के-लड़कियाँ मिलकर नाचते हैं। जबकि सत्रिया नृत्य परंपरागत रूप से पुरुष साधुओं द्वारा किया जाता था, हालाँकि अब प्रशिक्षित महिला कलाकार भी इसे करती हैं。
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